सऊदी अरब और हूती संघर्ष यमन की राजधानी सना पर ताजा हमलों के मायने

सऊदी अरब और हूती संघर्ष यमन की राजधानी सना पर ताजा हमलों के मायने

यमन की राजधानी सना पर सऊदी अरब की तरफ से की गई एयरस्ट्राइक्स ने मध्य पूर्व के इस सुलगते संघर्ष को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है। जब आप दशकों से चल रहे इस युद्ध के नक्शे को देखते हैं, तो आपको समझ आता है कि यह महज़ सीमा विवाद नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय वर्चस्व और प्रॉक्सी वॉर की एक लंबी लड़ाई है। सऊदी वायुसेना के फाइटर जेट्स ने जब सना के आसमान को चीरा और अल-नहदैन तथा जबल अत्तान की पहाड़ियों के पास सात से ज़्यादा जोरदार धमाके गूंजे, तो यह संदेश साफ था कि तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

यमन के आसमान में बारूद की गंध और हूती विद्रोहियों का रुख

साल 2014 के आखिर में जब हूती विद्रोहियों ने सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा जमाया था, तभी से यह संकट गहराता गया। मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार की बहाली के लिए जब इसमें दखल दिया, तब से दोनों ध्रुव आमने-सामने हैं। इस ताज़ा एयरस्ट्राइक के बाद स्थानीय लोगों ने शहर को थर्रा देने वाले धमाकों की पुष्टि की है। हूती संगठनों ने भी इन हमलों के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है और चेतावनी का दायरा बढ़ाया है। जब ईरान का समर्थन एक तरफ खड़ा हो और दूसरी तरफ सऊदी गठबंधन अपनी रणनीतिक जमीन बचाने की जद्दोजहद में हो, तो शांति समझौते की हर उम्मीद धुंधली पड़ जाती है।

इन हमलों का क्षेत्रीय राजनीति पर असर

आपको यह समझना होगा कि यमन का संकट केवल स्थानीय नहीं है। लाल सागर के समुद्री मार्गों से लेकर वैश्विक ऊर्जा बाजार तक इसकी आंच महसूस होती है। जब हूती गुट खाड़ी देशों को चेतावनी देते हैं कि सैन्य कार्रवाई नहीं रुकी तो पलटवार और तेज होगा, तब व्यापारिक जहाजों और वैश्विक सुरक्षा पर भी खतरे के बादल मंडराने लगते हैं। सऊदी अरब की एयरस्ट्राइक्स सिर्फ सैन्य ठուकानों को निशाना बनाने तक सीमित नहीं हैं; यह इस बात का भी ऐलान है कि सामरिक सहनशीलता की एक सीमा होती है।

अगर आप इस पूरे घटनाक्रम के भविष्य को देखें, तो कूटनीति के रास्ते फिलहाल बंद नजर आते हैं। जब तक कूटनीतिक मेज पर कोई ठोस और टिकाऊ फॉर्मूला नहीं निकलता, तब तक सना की गलियों में धमाकों की गूंज और यमन के अवाम की तकलीफें ऐसे ही बनी रहेंगी।

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Hana Adams

With a background in both technology and communication, Hana Adams excels at explaining complex digital trends to everyday readers.